किसी तरह गुजर करने वाले परिवार पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मकान के पीछे गोशाला बनाने के लिए पिता-पुत्र मिट्टी की खुदाई कर रहे थे। इसी दौरान अचानक पहाड़ी से मलबा-पत्थर भरभरा कर गिर गया। जिसकी चपेट में आने से पिता-पुत्र बुरी तरह घायल हो गए। अस्पताल लाने पर डाक्टरों ने दोनों का मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद गांव में मातम छा गया है।
बागेश्वर जिले के गरुड़ तहसील के सैलानी गांव निवासी 45 वर्षीय प्रेम सिंह और उनका बेटा 24 वर्षीय दर्शन सिंह मंगलवार सुबह घर के पीछे गोशाला निर्माण के लिए खोदाई कर रहे थे। एकाएक पहाड़ से भारी मलबा और बोल्डर गिरने से दोनों उसकी चपेट में आ गए। ग्रामीणों ने दोनों को मलबे से बाहर निकाला। प्राइवेट वाहन से बागेश्वर जिला अस्पताल लाया गया। जहां डाक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। सामाजिक कार्यकर्ता व गांव के पूर्व ग्राम प्रधान आनंद परिहार ने बताया कि मृतक परिवार की आर्थिक स्थिति कमजाेर है। मृतक दर्शन मुंबई में प्राइवेट नौकरी करता था। वह दिवाली में गांव आया था। पिता प्रेम सिंह जल निगम में संविदा कर्मचारी के तौर पर काम करते थे।
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पति-बेटे को खाेने के बाद मुन्नी देवी बदहवास
जानवरों को बांधने के लिए जगह कम हो रही थी। इसीलिए दोनों सुबह-सबुह जुटकर गोशाला के काम में लगे थे। मृतक का छोटा बेटा बाबी दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता है। भाई व पिता की मौत की सूचना के बाद वह गांव के लिए रवाना हो गया है। पति व बेटे को खोने वाली मुन्नी देवी बदहवास हो गई हैं। जनप्रतिनिधियों ने परिवार को मुआवजा देने की मांग की है। कोतवाल केएस नेगी ने बताया कि शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।





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