केनरा बैंक में खाेले गए दो चालू खाता से छह दिन में 33.23 करोड़ का लेनदेन किया गया है। पुलिस ने कबाड़ी समेत दोनों खाता धारकों की गिरफ्तार किया है। साथ ही एक बिचौलिया को पकड़ा गया है। बिचौलियों से पूछताछ के बाद खाता खुलवाने वाले आस्ट्रेलिया में रहने वाले बगवाड़ा के युवक की तलाश शुरू कर दी है। इसके लिए संदिग्ध ठिकानों पर दबिश देने के साथ ही पुलिस उसके मिलने वालों से भी पूछताछ कर रही है।
ऊधम सिंह नगर एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि दो खातों से करोड़ों का ट्रांजेक्शन होने की सूचना मिली थी। जांच में पुष्टि होने के बाद पुलिस ने काशीपुर बाइपास रोड स्थित केनरा बैंक शाखा के वरिष्ठ प्रबंधक योगेश शर्मा की तहरीर पर दो खाता धारक भूतबंगला निवासी बेरोजगार युवक मोहम्मद सइम पुत्र सलीम और सीरगोटिया निवासी कबाड़ी शारिक खान पुत्र ताहिर खान पर प्राथमिकी पंजीकृत की थी। पता चला कि सइम के खोले गए खाते में छह दिन में 3977 ट्रांजेक्शन हुए थे, जिसमें 4,42,56,542 रुपये का लेनदेन किया गया था। शारिक खान के नाम खाेले गए खाते में दो दिन में 88,230 बार ट्रांजेक्शन में 28,80,85,712 रुपये का लेनदेन हुआ था। मामला साइबर अपराध से जुड़ा है। दोनों खातों में 33 करोड़ से अधिक रुपये के ट्रांजेक्शन हुए हैं, उनमें 37 लोगों से ठगी की पुष्टि हुई थी, जिन्होंने एनसीआरपी पोर्टल 1930 में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने खाता धारक कबाड़ी शारिक खान और सईम को रविवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया था।
50 हजार रुपए लेकर खोले थे खाते
पूछताछ में दोनों ने बताया कि उन्हें भूतबंगला निवासी कबाड़ी आलम पुत्र सलीम ने बगवाड़ा रुद्रपुर निवासी गुरविंदर चीमा पुत्र इंदरजीत सिंह से मिलवाया था। उसने ही 50-50 हजार रुपये देकर उनसे खाते खुलवाए थे। जिसके बाद साइबर ठगी की मोटी रकम उनके नाम खोले गए खातों के माध्यम से ठिकाने लगाए गए थे। इस पर पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। जबकि कबाड़ी आलम को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर गुरविंदर चीमा की तलाश शुरू कर दी है। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि आलम से पूछताछ की जा रही है। उससे भी साइबर ठगी के इस नेटवर्क के संबंध में अहम जानकारी मिल सकती है।





