एसएसजे महाविद्यालय के चंपावत कैंपस से जुड़ी समस्याओं व शिकायतों को लेकर छात्र संघ अध्यक्ष मुकेश महर ने गुरुवार को खुद को कैंपस के मुख्य भवन के भीतर बंद कर लिया। दिनभर हंगामा चलता रहा और पुलिस व कैंपस प्रशासन की दिनभर की मान मनोबल के बाद शाम पांच बजे धरना समाप्त हुआ।
चंपावत कैंपस के छात्रनेता निर्माण कार्य में अनियमितता के साथ पाठ्यक्रम से जुड़ी समस्याओं को उठा रहे हैं। गुरुवार को छात्रसंघ अध्यक्ष मुकेश महर सुबह कैंपस परिसर पहुंचे और खुद को मुख्य भवन में चैनल गेट के अंदर से बंद कर लिया। चैनल पर भीतर से ताला लगा होने से कैंपस प्रशासन कुछ नहीं कर सका। निदेशक डा. पीएस बिष्ट ने छात्रसंघ अध्यक्ष को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह धरना समाप्त करने को तैयार नहीं हुए। सूचना पर पहुंचती पुलिस भी कुछ नहीं कर सकी। प्रभारी कोतवाल राजेश कुमार मिश्रा, एसआइ प्रदीप बिष्ट के नेतृत्व में पुलिस टीम दिनभर डटी रही। महर ने कहा कैंपस में स्थायी प्राध्यापकों को तैनाती जरूरी है। पूर्व प्रभारी निदेशक के समय में एमए योग में 34 प्रवेश को फर्जी बताते हुए जांच की मांग की। बिना विज्ञप्ति के निर्माण कार्य कराने का भी आरोप लगाया है। चंपावत को पीजी कालेज से कैंपस बनाने पर भी प्रश्न उठाते हुए कहा कि कैंपस ने सिर्फ सेमेस्टर शुल्क बढ़ाने का काम किया है। पहले एक सेमेस्टर छोड़कर शुल्क देते थे, अब हर सेमेस्टर पर फीस देने से पढ़ाई महंगी हो गई है। यहां पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष मनीष महर, एबीवीपी नगर मंत्री दीपक भट्ट, अंशुल जोशी आदि मौजूद रहे। निदेशक ने योगा में फर्जी प्रवेश की शिकायत की जांच समिति से कराने का आश्वासन दिया है।





