अपने पराए होने से ‘कमल’ की राह कठिन, ‘ममता’ दिखाते पांच नेता भाजपा से आउट

राजनीति

नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान से तीन दिन पहले चंपावत भाजपा को बड़ा झटका लगा है। पार्टी ने चंपावत पालिकाध्यक्ष पद के लिए दावेदारी करने वाले दो महिला प्रत्याशियों सहित पांच नेताओं को निष्कासित कर दिया है। सभी पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने का आरोप है। चर्चा है कि पांचों पीछे से निर्दलीय उम्मीदवार ममता वर्मा के लिए प्रचार कर रहे थे। भीतर घात को देखते हुए संगठन की ओर से कार्रवाई की गई है। हालांकि अब निष्कासन हो जाने के बाद सभी के खुलकर ममता वर्मा के समर्थन में आने की चर्चा आम हो गई है।
निष्कासित नेताओं में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गंगा खाती, तनुजा पुनेठा, निवर्तमान सभासद लोकेश पुनेठा, शक्ति केंद्र संयोजक कैलाश पांडेय और बूथ अध्यक्ष शंकर सिंह खाती शामिल हैं। गंगा खाती और तनुजा पुनेठा ने पालिकाध्यक्ष पद के लिए टिकट मांगा था। पार्टी ने प्रेमा पांडेय पर भरोसा जताते हुए उन्हें प्रत्याशी बनाया है। भाजपा जिला अध्यक्ष निर्मल माहरा की ओर से 20 जनवरी की देर शाम जारी आदेश में पांचों नेताओं को छह वर्ष के लिए पार्टी से बाहर कर दिया गया है। अब चर्चा चल पड़ी है कि भाजपा से निष्कासित पदाधिकारी अब खुले रूप से ममता वर्मा को समर्थन देंगे। ऐसे में अपनों के पराए होने से भाजपा की डगर कठिन होने जा रही है।

पूर्व में पांच नाम हुए बाहर
इससे पूर्व 11 जनवरी को भाजपा ने चंपावत नगर पालिकाध्यक्ष पद की भाजपा की विद्रोही प्रत्याशी ममता वर्मा, निवर्तमान चेयरमैन विजय वर्मा, लोहाघाट नगर पंचायत के दो बार अध्यक्ष रहे भूपाल सिंह मेहता, बनबसा के बूथ अध्यक्ष बिजेंद्र कुमार और सनी देवल को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। मतदान की तिथि से पहले तक कुछ और नेताओं के निष्कासन की चर्चा चल रही है।

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