प्रदेश में नगर निकायों के बाद अब त्रिस्तरीय पंचायतों को भी प्रशासकों के हवाले कर दिया गया है। नगर निकायों में प्रशासक बैठे 11 महीने बीत गए हैं। दो बार छह-छह माह के लिए कार्यकाल बढ़ाया गया है। इधर, पंचायत प्रतिनिधि कार्यकाल बढ़ाने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन शासन ने प्रशासकों को बिठाने की घोषणा कर दी है। ग्राम पंचायत में सहायक विकास अधिकारी (एडीओ) पंचायत और क्षेत्र पंचायत में ब्लॉक प्रमुख की जगह एसडीएम को प्रशासक नियुक्त किया गया है।
पंचायती राज सचिव चंद्रेश कुमार ने मंगलवार देर शाम आदेश जारी कर दिए। आदेश में कहा गया है कि प्रशासक सामान्य दैनिक कामकाज देखेंगे, जबकि नीतिगत कोई भी निर्णय नहीं ले पाएंगे। अगले छह माह या फिर नई पंचायत के गठन होने तक प्रशासकों का कार्यकाल रहेगा। ग्राम पंचायत का कार्यकाल 27 नवंबर को पूरा हो रहा है। क्षेत्र पंचायत का कार्यकाल 29 नवंबर, जबकि जिला पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल दो दिसंबर को पूरा हो रहा है।







