उत्तराखंड समेत समूचे उत्तर भारत को मौसम में बदलाव का इंतजार है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों पर किसी बड़ी मौसम प्रणाली के असर डालने की संभावना फिलहाल नहीं है। पहाड़ पर भी इस सीजन के पहले सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का इंतजार कर रहे हैं। मैदानों में ठंडक और सर्दी आमतौर पर पहाड़ों में बर्फबारी के बाद ही आती है।
मौसम की निगरानी करने वाली निजी संस्था स्काईमेट के अनुसार जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के उत्तर क्षेत्र में एक कमजोर ऊपरी वायु ट्रफ बना हुआ है, लेकिन इसका कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके बाद एक अन्य हल्की प्रणाली आएगी, जो वर्तमान प्रणाली से थोड़ मजबूत होगी। 13 नवंबर को एक पश्चिमी विक्षोभ इन क्षेत्रों में आएगा, जो 13 से 16 नवंबर के बीच मध्य और ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों को प्रभावित करेगा। श्रीनगर, पहलगाम, गुलमर्ग और ऊंचे स्थानों पर 15 और 16 नवंबर को छिटपुट बारिश ओर बर्फबारी की संभावना है।
तीन राज्यों में हल्की वर्षा की संभावना
जम्मू डिवीजन के तराई क्षेत्र और पंजाब-हरियाणा में 15-16 नवंबर को हल्की बारिश हो सकती है। संभावित स्थानों जम्मू, सांबा, कठुआ, पठानकोट, अमृतसर, गुरदासपुर, चंडीगढ़, अंबाला और उत्तराखंड के पिथौरागढ़, बागेश्वर और मसूरी क्षेत्र शामिल हैं।
यहां करना होगा इंतजार
पंजाब और हरियाणा के आंतरिक हिस्सों और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को इस सूखे दौर को तोड़ने के लिए एक और प्रणाली का इंतजार करना होगा। इन क्षेत्रों में केवल तापमान में मौसमी गिरावट की उम्मीद की जा सकती है वहीं, कम से कम नवंबर के तीसरे सप्ताह तक किसी र्भ प्रकार की ठंड नहीं आने की संभावना है।





