नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के सजायाफ्ता दो आरोपितों की जमानत अर्जी को हाईकोर्ट ने मंजूर कर दिया। अपर जिला सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक-पाक्सो कोर्ट देहरादून ने 22 अगस्त 2023 को आरोपित गौरव व विवेक को आईपीसी की विभिन्न धाराओं व यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा छह के तहत 20-20 वर्ष की जेल की सजा सुनाई थी। आदेश के विरुद्ध आरोपितों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।
अपील में कोर्ट से प्रार्थना की थी कि उन्हें अपील के निस्तारण होने तक जमानत पर रिहा किया जाए। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी नरेंद्र व न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की खंडपीठ ने दोनों की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दोनों को जमानत पर रिहा करने के निर्देश दिया। देहरादून नेहरू कालोनी थाना क्षेत्र के परिवार की बच्ची 2018 को घर से गायब हो गई थी। अभियुक्त गौरव व विवेक पर बहला-फुसलाकर भगाने का आरोप लगा। दोनों का पीड़िता के घर आना-जाना था। आरोपितों ने पीड़िता से दुष्कर्म किया। आरोपित गौरव ने पीड़िता से रिलेशन में होने की बात कही। पीड़िता अब बालिग है। बयानों में विरोधाभास होने से कोर्ट ने जमानत मंजूर की। अगली सुनवाई 26 जून को होगी।





