केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के पुत्र जय शाह के नाम पर भाजपा विधायकों को काल कर मंत्री बनाने का झांसा देकर रुपये की मांग करने वाले गिरोह के सरगना को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके दो साथी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों ने विधायकों के मोबाइल नंबर निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर अपलोड एफिडेविट से लिए थे। चुनाव लड़ने से पहले हर प्रत्याशी को अपनी जानकारी वाला यह एफिडेविट निर्वाचन आयोग को देना होता है। आरोपियों ने एफिडेविट से मोबाइल नंबर लिए और फिर विकिपीडिया के माध्यम से विधायकों के बारे में जानकारी जुटाई। जिसके बाद काल की।
उधम सिंह नगर एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि जय शाह के नाम पर विधायक शिव अरोरा को काल कर तीन करोड़ रुपये मांगे गए थे। हरिद्वार जिले के रानीपुर क्षेत्र से विधायक आदेश चौहान और नैनीताल की विधायक सरिता आर्य को भी फोन किए थे। तब से पुलिस मास्टरमाइंड गौरव नाथ की तलाश में थी। एसएसपी ने बताया कि रविवार देर रात पुलिस टीम ने गौरव नाथ को कड़कड़डुमा कोर्ट दिल्ली के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह, उवेश व प्रियांशु पंत दोस्त हैं। वह नशा करने के साथ ही क्लब में जाने का शौक रखते हैं। इसके लिए उनके पास रुपये नहीं थे। ऐसे में उन्होंने मिलकर फोन किया। मुख्य आरोपी गौरव सपेरा बस्ती गाजीपुर नई दिल्ली निवासी है।





