कभी NGO चलाने वाली मुक्ति दत्ता ने सरकारी कब्जे की जमीन बेच ₹1.35 करोड़ हड़पे, मुकदमा दर्ज

अपराध/दुर्घटना

किसी समय में स्वयंसेवी संस्था (NGO) चलाने वाली मुक्ति दत्ता ने सरकारी कब्जे वाली जमीन को अपना बताकर बेच दिया। मुक्ति दत्ता पर 1.35 करोड़ रुपए हड़पने का आरोप है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
अल्मोड़ा जिले के बिनसर की रहने वाली मुक्ति दत्ता पर आरोप है कि उसने जमीन बेचने के नाम पर दिल्ली और नोएडा के एक तीन लोगों से 1.35 करोड़ से अधिक रुपए ठग लिए। पीड़ित भरत कौशल व रीना कौशल निवासी- 2/4 सर्वप्रिय विहार, नई दिल्ली और संजीव मिश्रा, निवासी 1541, एटीएस विलेज, सेक्टर 93ए नोएडा का कहना है कि मुक्ति दत्ता पुत्री विवेक दत्ता ने बिनसर में 141 नाली भूमि का अपनी बताकर बिक्री के लिए उनसे संपर्क किया। 2.10 करोड़ में सौदा ताई हुआ।

इस तरह किया भुगतान
खरीद तय होने पर भरत कौशल व रीना भरत कौशल ने पांच लाख, संजीव मिश्रा ने ढाई लाख रुपए बैक ड्राफ्ट के जरिए जमा किए। बाकि रुपए रजिस्टी के समय देना ताई हुआ था। 2022 में तीनों ने जमीन खरीद की अनुमति के लिए डीएम अल्मोड़ा के यहां आवेदन किया।

ऐसे खुला मामला
आवेदन के बाद सरकारी अधिकारियों से भूमि संबंधित जानकारी जुटाई। पता चला कि उत्तराखंड बहुउद्देशीय वित्त और विकास निगम की बकाया राशि जमा किए बगैर जमीन नहीं बेची जा सकती। आरोपी मुक्ति दत्ता को कुल 1.25 करोड़ रुपए सरकार को जमा करने थे। जमीन को राज्य सरकार से मुक्त करने के लिए मुक्ति दत्ता ने तीनों पीड़ितों से मदद मांगकर 1.27 करोड़ रूपये अपने बैंक खाते में डलवाए। तीनों अब तक 1.35 करोड़ रुपए मुक्ति दत्ता को दे चुके हैं।

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सरकार को 18 लाख रुपए दिए
पीड़ितों को ठगने वाली मुक्ति दत्ता ने राज्य सरकार के खाते में केवल 18 लाख रुपया जमा किए, ताकि जमीन की नीलामी टाली जा सके। पीड़ितों ने कहा है कि महिला उन्हें 16 माह से चक्कर कटवा रही है। अब जाकर तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। बताते हैं की मुक्ति दत्ता किसी समय में पंचाचुली नाम से स्वयंसेवी संस्था चलाती थी। बाद में NGO किसी को बेच दी गई।

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