त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पर चला रहा असमंजस दूर हो गया है। नैनीताल हाई कोर्ट ने पंचायत चुनाव पर लगी रोक को हटा दिया है। साथ ही पूर्व में जारी चुनाव कार्यक्रम को तीन दिन आगे बढ़ाने हुए निर्वाचन प्रक्रिया शुरू करने को कहा है काई कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की ओर से उठाए गए मुद्दों पर सरकार से तीन सप्ताह के भीतर देने को कहा है।
हरिद्वार को छोड़कर प्रदेश के 12 जिलों में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षण रोस्टर निर्धारण के विरुद्ध हाई कोर्ट मं याचिकाएं दाखिल हुई थी। कोर्ट में तीन दिन तक सुनवाई हुई। शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी नरेंद्र व न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने चुनाव प्रक्रिया पर लगी रोक हटा दी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने ब्लाक प्रमुख सीटों का आरक्षण निर्धारित करने व जिला पंचायत अध्यक्ष सीटों का आरक्षण निर्धारित नहीं करने पर प्रश्न उठाया। सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि ब्लाक प्रमुख व जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव एक ही तरह से होता है। याचिकाकर्ताओं ने आरक्षण रोस्टर में कई सीटों के लंबे समय से एक ही वर्ग को प्रतिनिधित्व मिलने का उल्लेख करते हुए इसे संविधान के अनुच्छेद-243 व सुप्रीम कोर्ट के समय-समय पर दिए निर्णयों के विरुद्ध बताया था।
विजयी प्रत्याशियों को भी सुनेगा हाई कोर्ट
महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर ने बताया कि चुनाव पर रोक हटने के बाद चुनाव कार्यक्रम को तय करना राज्य निर्वाचन आयोग का काम है। सरकार याचिकाओं पर तय समय पर जवाब दाखिल करेगी। कोर्ट ने साफ किया है कि आगे सुनवाई में विजयी प्रत्याशियों का पक्ष भी सुना जाएगा। हाई कोर्ट में पंचायती राज सचिव चंद्रेश यादव ने कहा कि जल्द ही नया चुनाव कार्यक्रम जारी किया जाएगा। चुनाव जुलाई में ही हाेंगे।
