उत्तराखंड में पंचायत चुनाव के अंतिम दौर में सदस्यों को दबोचने व अपने कब्जे में करने का खेल जारी है। नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस समर्थित पांच जिला पंचायत सदस्यों को गुरुवार सुबह मतदान को जाते समय नैनीताल माल रोड से अगवा कर लिया गया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश, पूर्व विधायक संजीव आर्य, खटीमा विधायक भुवन कापड़ी आदि की मौजूदगी में सदस्यों को खींचकर ले जाते हुए अगवा कर लिया गया। इसकी लाइन वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रही है।
वायके के बाद विपक्ष हाई कोर्ट पहुंच गया। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी नरेंद्र व न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने कांग्रेस व सरकार दोनों पक्षों को सुना। कोर्ट ने डीएम व एसएसपी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट उपस्थित होने का कहा। दोनों ने आनलाइन हाजिरी दी। कोर्ट ने दोनों से मतदान को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के निर्देश दिए। कांग्रेसियों के साथ हाई कोर्ट पहुंचे 10 जिला पंचायत सदस्यों को सुरक्षा के बीच मतदान स्थल तक पहुंचाने के लिए पुलिस सुरक्षा देने को कहा। हाईकोर्ट के सुरक्षा अधिकारी राकेश बिष्ट को इसकी जिम्मेदारी दी। कोर्ट ने एसएसपी से अगवा किए पांच सदस्यों को तलाश कर मतदान स्थल तक लाने के निर्देश दिए। डीएम से कहा जरूरत पड़ने पर मतदान की अवधि बढ़ाई जा सकती है। डीएम व एसपी शाम साढ़े चार बजे कोर्ट में रिपोर्ट देंगे।

मतदान केंद्र के बाहर हुई अफरातफरी
कांग्रेस की ओर से हाईकोर्ट में तत्काल सुनवाई का आग्रह करते हुए कहा कि पांच जिला पंचायत सदस्य मतदान स्थल से अगुआ कर दिए गए। समर्थकों के बीच लात घूंसे भी चले। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व विधायक संजीव आर्य, हल्द्वानी विधायक सुमित ह्रदयेश, खटीमा विधायक भुवन कापड़ी, कांग्रेस की जिला पंचायत अध्यक्ष पद की उम्मीदवार पुष्पा नेगी आदि के साथ धक्का-मुक्ति भी हुई। वहीं, भाजपा से अध्यक्ष प्रत्याशी दीपा दरम्वाल ने तल्लीताल थाने में तहरीर देकर कांग्रेस के नेताओं पर समर्थकों के अपहरण का आरोप लगाया है।
