उत्तराखंड में मानसूनी वर्षा जारी है। उत्तरकाशी में यमुनोत्री हाईवे पर पालीगाड़ ओजरी डाबरकोट के बीच सिलाई बैंड के पास बादल फटने से तबाही मच गई। निर्माणाधीन होटल स्थल तबाह हो गया। यहां काम करनेवाले नौ मजदूर लापता हो गए हैं। एसडीआरएफ ने तलाशी के लिए रेस्क्य अभियान शुरू किया है। वहीं भारी वर्षा की चेतावनी को देखते हुए गढ़वाल आयुक्त विजय शंकर पांडे ने चारधाम यात्रा को 24 घंटे के लिए रोक दिया है।तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया जा रहा है।
मध्य रात्रि में फटा बादल
उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना शनिवार मध्य रात्रि में हुई। बड़कोट थानाध्यक्ष दीपक कठैत ने बताया कि यमुनोत्री हाईवे पर बादल फटने की सूचना मिली थी। सड़क निर्माण व अन्य कार्य में लगे कुछ लोग टेंट लगाकर रह रहे थे। तेज सैलाब आने पर सभी बह गए। अभी तक नौ लोगों के लापता होने की खबर है। घटना रात में होने से किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। ये सभी नेपाल मूल के हैं। उत्तरकाशी डीएम प्रशांत आर्य का कहना है कि टीम मजदूरों की तलाश की जा रही है।
लापता मजदूर
1.दूजे लाल (55)
2.केवल थापा (43)
3.रोशन चौधरी (40)
4.विमला धामी(36)
5.मनीष धामी(40)
6.कालूराम चौधरी (55)
7.बाबी(38)
8.प्रिंस(20)
9.छोटू(22)
यमुना नदी में बनी झील
वर्षा से चारधाम मार्ग जगह जगह बाधित हुआ है।यमुनोत्री हाईवे पर स्थित स्याना चट्टी के पास कुपड़ा कुनसाला मोटर मार्ग पर पुल के पास ऊपर से भारी मलबा बोल्डर आने से यमुना नदी का बहाव थम गया। यहां झील बननी शुरू हो गई। स्थानीय लोगों के साथ यमुना नदी तटवर्ती क्षेत्र में रह रहे लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।रुद्रप्रयाग की सीमा से होकर गुजरने वाला बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सिरोबगड़ के पास मलबा-पत्थर आने के कारण मार्ग बाधित चल रहा है।
