विशेष सत्र न्यायाधीश ने चरस तस्करी के मामले में पिता-पुत्र को दोषी ठहराया है। नैनीताल जिले के रहने वाले पिता को 20 व बेटे को 15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर दो लाख व डेढ़ लाख रुपये का अर्थदंड भी लगा है। अर्थदंड न चुकाने पर दो वर्ष व एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन के अनुसार, सितंबर 2021 में पाटी थाना पुलिस ने देवीधुरा क्षेत्र के गर्सलेख में रात्रि के समय चेकिंग के दौरान 23 वर्षीय ललित सिंह व 53 वर्षीय रमेश सिंह, निवासी ग्राम सुनकोट, तहसील धारी, नैनीताल को चरस के साथ पकड़ा था। रमेश से 5.100 किलो व ललित से 4.100 किलो चरस बरामद हुई थी। दोनों ने चरस को हल्द्वानी ले जाकर ऊंची कीमत में बेचने की योजना बताई। अभियोजन पक्ष ने छह गवाह व 42 साक्ष्य से आरोप सिद्ध किया। अभियुक्तों ने गरीब परिवार से होने व दोनों के जेल में बंद होने से परिवार की आर्थिकी प्रभावित होने का तर्क देते हुए कम से कम सजा देने की गुहार लगाई। इसका अभियोजन पक्ष ने गंभीर अपराध बताते हुए विरोध किया। विशेष सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल ने दोनों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। अभियाेजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता विद्याधर जोशी ने पैरवी की।
