वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए चंपावत की जिला योजना तय हो गई है। प्रभारी मंत्री रेखा आर्या ने बनबसा में हुई बैठक में 68.57 करोड़ का बजट अनुमोदित किया। पिछले वर्ष के 58.36 करोड़ से बजट में 17 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कुल बजट का 47.70 करोड़ सामान्य मद, 20.42 करोड़ विशेष घटक व 0.44 करोड़ जनजातीय उपयोजना में खर्च होंगे। इस बार लोक निर्माण, पेयजल, कृषि, सामुदायिक विकास, कला एवं संस्कृति, चिकित्सा स्वास्थ्य, उरेडा आदि का बजट बढ़ा है, जबकि उद्यान, नलकूप, पर्यटन, आयुर्वेद, प्राथमिक शिक्षा का बजट कम हुआ है।
33 विभागों के लिए बजट तय
गुरुवार को बनबसा एनएचपीसी अतिथि गृह में हुई बैठक में 33 विभागों के लिए बजट आवंटित किया गया। डीएम नवनीत पांडे ने मंत्री को अवगत कराया कि जनप्रतिनिधियों से मिले सुझाव से चंपावत को आदर्श बनाने के लिए प्रस्ताव शामिल किए हैं। पिछले वर्षों लंबित व्ययों, पीआरडी जवानों की वेतन व्यवस्था, जल संस्थान व जल निगम के आपरेटरों के मानदेय को भी स्वीकृति दी गई। मंत्री ने संबोधन में विकास कार्यों को तय समय में पूर्ण करने के निर्देश दिए। आंगनबाड़ी केंद्रों में विद्युतीकरण, स्वरोजगार आधारित योजनाओं को गति देने की बात कही। बैठक में लोहाघाट विधायक खुशाल अधिकारी, वन एवं पर्यावरण सलाहकार समिति उपाध्यक्ष श्याम पांडे, चंपावत विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, टनकपुर दीपक रजवार, पालिकाध्यक्ष चंपावत प्रेमा पांडे, डीएम नवनीत पांडे, एसपी अजय गणपति, डीएफओ नवीन पंत, सीडीओ एसके सिंह, सीएमओ डा. देवेश चौहान, डीईएसटीओ दीप्तकीर्ति तिवारी आदि मौजूद रहे।
प्रमुख विभागों का बजट जानिए
लोनिवि 1416.21 लाख, कृषि 291.60 लाख, माध्यमिक शिक्षा 200.60 लाख, उरेडा 175.00 लाख, सामुदायिक विकास 190.00 लाख, चिकित्सा स्वास्थ्य 131.15 लाख, पेयजल निगम 112.50 लाख, सहकारिता 90.00 लाख शामिल है। वहीं कटौती के बाद पंचायतीराज का बजट 413.00 लाख, पर्यटन का 310.54 लाख, नलकूप खंड का 246.14 लाख, उद्यान का 241.00 लाख, प्राथमिक शिक्षा का 130.50 लाख, आयुर्वेद का 14.91 लाख रहेगा। अन्य विभागों के बजट में भी उतार-चढ़ाव हुआ है।
