चमोली जिले के माणा में हिमस्खलन से मजदूर दबने के मामले में थोड़ी राहत भरी खबर आई है। शनिवार सुबह 14 और श्रमिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। सेना, आईटीबीपी और अन्य एजेंसियों ने अब तक 47 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। आठ अन्य लोग अभी लापता बताए जा रहे हैं। आइटीबीपी की टीम तलाशी और बचाव अभियान चलाए हुए है।
शुक्रवार सुबह नर पर्वत से हिमखंड टूटने के कारण 55 श्रमिक उसकी चपेट में आ गए थे। माणा में मौजूद सेना और आइटीबीपी की टीम उसके बाद से बचाव अभियान में जुटी है। निकाले गए श्रमिकों में छह की हालत गंभीर बनी हुई है, उन्हें एयरलिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) माणा से चीन सीमा तक हाइवे का चौड़ीकरण कर रहा है। इसी काम में लगे श्रमिक माणा स्थित कैंप में ठहरे हुए थे। सीएम पुष्कर सिंह धामी भी प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने के लिए देहरादून से माणा के लिए रवाना हो गए हैं। हादसे में लापता आठ अन्य मजदूरों के सुरक्षित होने के लिए सभी भगवान बदरी विशाल से प्रार्थना कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने मामले की जानकारी ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चमोली के माणा में हुए हिमस्खलन मामले की जानकारी ली है। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने ट्वीट कर लिखा है, प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने फ़ोन पर बात कर जनपद चमोली के माणा में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली। उन्होंने प्रदेश में हो रही बारिश और हिमपात की स्थिति पर भी विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान प्रधानमंत्री जी ने केंद्र सरकार की ओर से किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हर संभव सहायता प्रदान किए जाने का आश्वासन दिया।





