सहकारी समितियों के चुनाव परिणाम घोषित करने पर रोक, पुरानी नियमावली से चुनाव न करने पर नाराजगी

न्यायालय

नैनीताल हाई कोर्ट ने राज्य में सहकारी समितियों के सोमवार को हुए चुनाव परिणाम पर रोक लगा दी है। सहकारी समितियों में लगभग 90 प्रतिशत से अधिक पदों पर निर्विरोध हो चुके हैं। हाई कोर्ट के वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी व न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की खंडपीठ ने एकलपीठ के आदेश को बरकरार रख राज्य सरकार से उसी आदेश के अनुसार चुनाव करवाने के निर्देश दिए हैं। एकलपीठ ने चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद नियमों में संशोधन पर रोक लगा दी थी।
सोमवार को एकलपीठ के आदेश को राज्य सहकारिता चुनाव प्राधिकरण की ओर से विशेष अपील दायर कर चुनौती दी गई। जिसमें कहा गया कि सहकारी समितियों का चुनाव कराने को राज्य सरकार की ओर से नियमों में संशोधन किया गया। उसी के अनुसार समितियों के चुनाव किए गए। इस पर आपत्ति व्यक्त करते हुए याचिकाकर्ताओं की तरफ से कहा गया कि चुनाव पूर्व के नियमों से कराए जाएं। सरकार ने कार्यक्रम घोषित करने के बाद नियमावली में संशोधन किया है। चुनाव प्रक्रिया दिसंबर से शुरू हो चुकी है। इसके बाद राज्य सरकार संशोधन करा रही है। संशोधन कर उन समिति सदस्यों को वोट का अधिकार दे दिया है, जो सेवानिवृत्त हैं या इस कमेटी के सदस्य नहीं है।

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