जिला मुख्यालय के निकट ढकना वन पंचायत में बुधवार को बंगाल टाइगर मृत मिला था। पांच वर्ष आयु वाले नर बाघ का दो डाक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के बाद बाघ की अंत्येष्टि कर दी गई। बाघ के पंजों से कुछ नाखून गायब थे। जिसकी जांच के लिए एसडीओ नेहा सौन की अध्यक्षता में टीम गठित की गई है।
ढकना गांव निवासी कुछ महिलाओं ने बुधवार को एक हथिया नौले के जंगल में बाघ का शव पड़ा देखा था। सूचना पर डीएफओ नवीन पंत, एसडीओ नेहा व अन्य कर्मचारियों मौके पर पहुंचे थे। वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डा. जेपी यादव व पशु चिकित्साधिकारी डा. वैशाली शाह ने शव का पोस्टमार्टम किया। 7.4 फीट लंबाई वाले बाघ के शरीर में खरोच वाले कुछ निशान थे। डीएफओ नवीन पंत ने बताया कि बाघ के डीएनए जांच के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून व बिसरा जांच के लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान बरेली के लिए नमूने भेजे गए हैं। बिसरा व डीएनए जांच के बाद बाघ की मौत के कारणों का पता चल सकेगा।






