क्षेत्रवासियों की समस्याओं को सुनने के लिए प्रदेश सरकार ने तहसील दिवस आयोजन की व्यवस्था की है। तय रोस्टर के आधार पर अलग-अलग जगह तहसील दिवस आयोजित किया जाता है। जनता की समस्याओं को सुनने के लिए अधिकारी मौजूद रहते हैं। वहीं, अगर तहसील दिवस में कोई फरियादी नहीं आए तो आप भी तो यही कहेंगे ना कि जनता की समस्याएं नहीं रही या व्यवस्था से भरोसा उठा गया है। अप्रैल के पहले मंगलवार को लोहाघाट में यही हुआ। तहसील दिवस में कोई भी फरियादी नहीं पहुंचा। एसडीएम नितेश डांगर समेत अन्य अधिकारियों कई घंटे फरियादियों का इंतजार करते रहे, लेकिन अंत तक कोई नहीं पहुंचा।
पेंशन की समस्या लेकर तहसील में पहुंचीं वृद्धा
प्रभारी डीएम जयवर्धन शर्मा की अध्यक्षता में चंपावत तहसील सभागार में आयोजित तहसील दिवस में पेयजल, खतौनी, पेंशन, आपदा में हुए नुकसान के मुआवजे से जुड़ी नौ शिकायतें आई। प्रहलाद नेगी के खतौनी सुधार की मांग पर डीएम ने पटवारी को तीन दिन में आख्या देने को कहा। तामली निवासी मनोज जोशी ने पेयजल समस्या की शिकायत उठाई। जल निगम को 10 दिन के भीतर जल स्रोत का निरीक्षण कर समाधान के निर्देश दिए। फुंगर निवासी शंकर बोहरा ने हर घर जल योजना के तहत पानी का का कनेक्शन न मिलने की शिकायत की। मंच निवासी महेश पुनेठा की समस्या पर डीएम ने अवगत कराया कि विद्यालय सुधार के लिए दो लाख रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। बस्तिया निवासी नारायण दत्त भट्ट ने आंगनबाड़ी भवन निर्माण, मझेड़ा निवासी डिगरी देवी ने वृद्धा पेंशन, मझेड़ा की निवर्तमान ग्राम प्रधान रेखा भट्ट ने आय प्रमाण पत्र से जुड़ी समस्या उठाई। डीएम ने सभी का समय पर निदान के निर्देश दिए। यहां सीएमओ डा. देवेश चौहान, सीवीओ डा. वसुंधरा गर्ब्याल, ईई यूपीसीएल विजय सकारिया मौजूद रहे।





