चंपावत जिले की दुबड़ साधन सहकारी समिति में हुई वित्तीय अनियमितता की एसआईटी जांच कराने समेत तीन सूत्रीय मांगों को लेकर किसान आंदोलन पर डटे हुए हैं। प्रकरण की जांच के साथ किसान उन पर लगे ऋण बकाया हटाने व फसल बीमा का लाभ देने की मांग कर रहे हैं। उत्तराखंड किसान संगठन के बैनर तले जारी आंदोलन को 31 दिन पूरे हो गए हैं। गुरुवार को नरेंद्र उत्तराखंडी, खष्टी बल्लभ, त्रिभुवन सकलानी, बाली राम, हयात बोहरा क्रमिक अनशन पर बैठे।
संयोजक नरेंद्र उत्तराखंडी ने कहा कि एक माह से अधिक समय से धरना-प्रदर्शन करने के बाद भी विभागीय अधिकारी अनसुनी करते आ रहे हैं। समिति में गबन भ्रष्टाचार जैसे अति गंभीर विषय को लापरवाही से लेने के मामले में अब सहकारिता विभाग के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत की जाएगी। नरेंद्र ने कहा कि गबन समिति सचिव करता है और उसका खामियाजा खाताधारक भोगते हैं। किसानों के नाम ऋण बकाया दिखाकर फसल बीमा तक से वंचित किया जा रहा है। धरना देने वालों में हरीश सकलानी, केशव भट्ट, काशी राम, दुर्गा दत्त मिश्रा, नरेश राम, विक्रम बोहरा, जगदीश सकलानी, निर्मला देवी, तपेश्वरी देवी, पनी राम, टीका राम जोशी आदि शामिल रहे।





