पूर्णागिरि धाम में मेले की शुरुआत होने ही श्रद्धालुओं के साथ लूट शुरू हो गई है।पार्किंग के नाम पर मानमाना शुल्क वसूले जाने की शिकायत कुछ श्रद्धालुओं ने भी की है। खास बात है कि पार्किंग स्थल में शुल्क लिखे बोर्ड नहीं लगे हैं। जिम्मेदार अधिकारी मामला संज्ञान में आने पर कार्रवाई करने की बात कर रहे हैं लेकिन मनमाना किराया वसूली की शिकायत करने का कोई सिस्टम ही नहीं बना है। इससे जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली और इच्छाशक्ति पर भी सवाल उठ रहे हैं।
ये है पार्किंग शुल्क
पूर्णागिरि धाम के लिए बूम, ठुलीगाड़ और भैरव मंदिर के पास पार्किंग बनाई गई है। चौपहिया वाहनों को बूम में 50, ठुलीगाड़ में 100 और भैरव मंदिर में 200 रुपये पार्किंग शुल्क निर्धारित किया गया। दोपहिया वाहनों के लिए बूम में 30 और ठुलीगाड़ में 60 रुपये पार्किंग शुल्क तय किया गया है। तय पार्किंग शुल्क को ताख पर रखते हुए श्रद्धालुओं से मनमाना किराया वसूला जा रहा है। लखीमपुर खीरी से आए प्रणव और पीलीभीत से आए प्रशांत ने बताया कि ठुलीगाड़ पार्किंग के लिए 100 रुपयों के स्थान पर 200 रुपये शुल्क वसूले गए। श्रद्धालुओं का कहना है कि पार्किंग शुल्क लूट से श्रद्धालुओं की न केवल जेब कट रही है, बल्कि आस्था भी आहत हो रही है। मेले के नोडल अधिकरी जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी तेज सिंह का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है।
मुख्यमंत्री से की शिकायत
सामाजिक कार्यकर्ता आनंद सिंह महर ने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया कि पार्किंग के नाम पर ठेकेदार नियमों का उल्लंघन कर ओवर रेटिंग कर रहे हैं। सीएम धामी ने इस पर नाराजगी जताई।





