एक दिन बाद बैलों की पूजा, यहां बैलों का मुंह बांधकर जंगल में छोड़ दिया
एक दिन बाद प्रबोधिनी एकादशी है। उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में इसे बुढ़ी दिवाली और गढ़वाल में इग्यास के रूप में मनाया जाता है। बढ़ी दिवाली को कुमाऊं में बैलों की पूजा की जाती है। खेत जोत से पहले उसे गुड़, जौ, चना आदि खिलाकर च्यूड़े पूजे जाते हैं। कुछ अराजत तत्वों ने बागेश्वर के […]
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