तीन साल पहले नौ वर्षीय बच्ची को ट्राला से कुचलने के मामले में प्रतिकर भुगतान का आदेश हुआ है। चंपावत जिला जज की अध्यक्षता वाली मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाली बच्ची की मौत मामले में 5.60 लाख रुपये प्रतिकर भुगतान का निर्णय सुनाया है। वाहन बीमा कंपनी छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ एक माह के भीतर यह राशि भुगतान करेगी।
बनबसा के संतोष कालोनी निवासी उमेश चंद्र व उसकी पत्नी हरू देवी की नौ वर्ष की बेटी नेहा जोशी की 27 फरवरी 2023 को सड़क हादसे में मौत हो गई थी। नेहा अपनी मां के साथ स्कूटी से स्कूल जा रही थी। वादी ने जिला जज की कोर्ट में वाद दायर कर कहा था कि टनकपुर से खटीमा की ओर जा रहे ट्राला चालक ने लापरवाही व उतावलेपन से वाहन चलाते हुए स्कूटी को पीछे से टक्कर मार दी। स्कूटी से गिरी नेहा ट्राला के टायर के नीचे आ गई। गंभीर चोट लगने की वजह से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यू-टर्न मारने के चक्कर में चालक लापरवाही से वाहन नहीं चलाता तो हादसा नहीं होता। मामला बनबसा थाने में पंजीकृत हुआ। वादी ने कहा कि कक्षा तीन में पढ़ने वाली नेहा बहुत होनहार थी। परिवार को उससे बहुत अपेक्षा थी। असामयिक मृत्यु से परिवार की सभी उम्मीदें धरी रह गई। वादी ने 16 लाख रुपये प्रतिकर की मांग की। जिला जज अनुज कुमार संगल की कोर्ट ने साक्ष्यों व गवाहों को ध्यान में रखते हुए बीमा कंपनी रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी को प्रतिकर भुगतान के लिए जवाबदेह माना। वादी ने राजस्थान के अजमेर निवासी वाहन मालिक व चालक राम लाल व बीमा कंपनी को पार्टी बनाया था। चालक के पास वैध लाइसेंस व वाहन बीमित होने से कंपनी पर देनदारी बनी। वादी की ओर से आरसी उप्रेती ने पैरवी की।




